दिल्ली/ पटना-
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार को सासाराम से ‘मतदाता अधिकार यात्रा’ की शुरुआत की। यह यात्रा 16 दिनों तक 1300 किलोमीटर का सफर तय करेगी और बिहार के 20 जिलों से गुज़रेगी। इस दौरान राहुल गांधी मतदाता सूची में गड़बड़ी और SIR (Selective Inclusion and Removal) के मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएंगे।
यात्रा की शुरुआत में लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव समेत विपक्षी INDIA गठबंधन के कई नेता उनके साथ नजर आए। राहुल गांधी ने दावा किया कि देशभर में मतदाता सूची से जुड़े बड़े पैमाने पर घोटाले हो रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कर्नाटक के महादेवपुरा लोकसभा क्षेत्र में एक लाख से ज्यादा डुप्लीकेट और फर्जी वोटरों के नाम दर्ज हैं।

चुनाव आयोग ने दिया सात दिन का अल्टीमेटम
इसी दिन चुनाव आयोग ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बिना नाम लिए राहुल गांधी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। आयोग ने स्पष्ट किया कि सारे आरोप बेबुनियाद हैं और राहुल गांधी से 7 दिनों में हलफनामा देने या माफी मांगने की मांग की है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, “या तो राहुल गांधी आरोपों को प्रमाणित करें या पूरे देश से माफी मांगें।
राजनीतिक विश्लेषण: आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर सवाल
वरिष्ठ पत्रकार ने इसे एक असामान्य घटना बताया। उनका कहना है कि जिस दिन राहुल गांधी बिहार में यात्रा शुरू करते हैं, उसी दिन चुनाव आयोग छुट्टी के दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहा है, यह दर्शाता है कि विपक्ष के आरोपों ने आयोग को राजनीतिक दबाव में ला दिया है।
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कांग्रेस का पलटवार: आयोग ने सवालों से भागा
कांग्रेस प्रवक्ता जयराम रमेश ने कहा कि चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के किसी भी आरोप का सीधा जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि राहुल ने जो तथ्य रखे, वे आयोग के अपने आंकड़ों से लिए गए हैं। कांग्रेस ने इसे आयोग की पक्षपातपूर्ण कार्यशैली करार दिया।
भाजपा का जवाब: ‘चोर मचाए शोर’
दूसरी ओर भाजपा नेता अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव और अभिषेक बनर्जी पर फर्जी वोटर पंजीकरण का आरोप लगाया। उन्होंने रायबरेली, वायनाड, डायमंड हार्बर जैसे क्षेत्रों में फर्जी मतदाताओं के प्रमाण पेश करने का दावा किया और इन सांसदों से इस्तीफे की मांग की।
ठाकुर ने कहा, “विपक्ष अवैध घुसपैठियों के समर्थन में मतदाता सूची संशोधन का विरोध कर रहा है।”

आगे क्या?
राहुल गांधी आने वाले 15 दिनों तक बिहार की इस यात्रा में वोटर घोटाले और चुनावी धांधली को लेकर जनता के बीच जाएंगे। वहीं, चुनाव आयोग के जवाब ने सियासी हलचल और तेज कर दी है।
