यमुनानगर/दिल्ली-
हरियाणा के यमुनानगर स्थित हथिनीकुंड बैराज से शनिवार को 1,78,996 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जो अगले 30 घंटों के भीतर दिल्ली पहुंचेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, इससे राजधानी दिल्ली में यमुना का जलस्तर बढ़ सकता है और कई निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति बन सकती है।
बीते डेढ़ महीने से शांत नजर आ रही यमुना नदी ने शनिवार को अचानक रौद्र रूप धारण कर लिया। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही भारी वर्षा के कारण हथिनीकुंड बैराज पर जल प्रवाह में तेजी आई और सिंचाई विभाग को सभी 18 गेट खोलने पड़े। इससे पहले सायरन बजाकर लोगों को सतर्क किया गया और नदी के आसपास के क्षेत्रों में चेतावनी जारी की गई कि वे यमुना से दूर रहें और अपने मवेशियों को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं।
पहली बार खुले सभी 18 गेट, नहरों की सप्लाई बंद

सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता आर.एस. मित्तल ने बताया कि शनिवार को सीजन में पहली बार बैराज के सभी गेट खोले गए। शुरुआत में 1,16,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया और इसके बाद शाम तक यह आंकड़ा 1.78 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया। नहरों की सप्लाई फिलहाल पूरी तरह रोक दी गई है।
उन्होंने बताया कि एक लाख क्यूसेक पानी को ‘लो फ्लड लेवल’, डेढ़ लाख क्यूसेक को ‘मीडियम फ्लड लेवल’ और ढाई लाख क्यूसेक से अधिक को ‘हाई फ्लड लेवल’ की श्रेणी में रखा जाता है। फिलहाल यमुना मीडियम फ्लड लेवल के करीब पहुंच चुकी है।
हर घंटे बढ़ता गया जल प्रवाह

शनिवार सुबह 10 बजे यमुना में जल प्रवाह 74,304 क्यूसेक था, जो 11 बजे 81,353, 12 बजे 91,985, और 1 बजे 1,16,000 क्यूसेक तक पहुंच गया। इसके बाद बैराज के गेट खोलने से पहले चेतावनी अलार्म बजाया गया। दोपहर 2 बजे जल प्रवाह 1,04,306 क्यूसेक, 3 बजे 1,28,280 और शाम 4 बजे 1,78,996 क्यूसेक रिकॉर्ड किया गया।
दिल्ली प्रशासन को सतर्क किया गया
सिंचाई विभाग ने जिला प्रशासन और दिल्ली सरकार को भी इस स्थिति से अवगत करा दिया है। यमुना के साथ लगते दिल्ली और हरियाणा के निचले इलाकों के निवासियों से अनुरोध किया गया है कि वे सतर्क रहें और यमुना के आसपास न जाएं।
