हरियाणा के हिसार जिले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक जिला पदाधिकारी और उनके भाई के खिलाफ डीएपी की कथित तौर पर नकली खाद बेचने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। मामला आदमपुर थाना क्षेत्र के चौधरीवाली गांव का है।
क्या है मामला?
गांव के एक किसान बजरंग द्वारा की गई शिकायत के अनुसार, भाजपा नेता कुलदीप डेलू और उनके भाई सुनील डेलू पर आरोप है कि उन्होंने किसानों को नकली खाद बेची और उससे भी बड़ी बात यह कि तय कीमत से ज्यादा पैसे वसूले। इस मामले में पहले पुलिस पर कार्रवाई से बचने के आरोप लगे, लेकिन बाद में गुण नियंत्रण विभाग की निरीक्षक डॉ. प्रियंका की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई।
पुलिस ने फर्टिलाइज़र कंट्रोल ऑर्डर 1985 की धारा 19 के तहत एफआईआर दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि खाद की लैब जांच में यह पुष्टि हुई है कि सामग्री मानकों के अनुरूप नहीं थी।

राजनीतिक जुड़ाव और पद
कुलदीप डेलू भाजपा के जिला सचिव होने के साथ-साथ जिला कष्ट निवारण समिति हिसार के सदस्य भी हैं। साथ ही वे वर्तमान में गांव चौधरीवाली के सरपंच के रूप में कार्यरत हैं। बताया जा रहा है कि वे पूर्व सांसद कुलदीप बिश्नोई और पूर्व विधायक भव्य बिश्नोई के करीबी माने जाते हैं।
किसान की शिकायत और पुलिस की भूमिका पर सवाल
शिकायतकर्ता किसान बजरंग का आरोप है कि स्थानीय पुलिस भाजपा नेता को बचाने का प्रयास कर रही थी और शुरू में एफआईआर तक दर्ज नहीं कर रही थी। बाद में विभागीय सिफारिश के चलते मामला दर्ज किया गया।
डेलू का बचाव: “मैंने खुद शिकायत दी थी”
वहीं भाजपा नेता कुलदीप डेलू ने खुद पर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा, “किसी ने मुझे कॉल कर बताया कि खाद आई है, इसे बंटवा दें। जब बंटवारा हुआ तो बाद में पता चला कि उसमें वजन कम है और गुणवत्ता भी संदिग्ध लग रही है। एक घंटे के भीतर हमने किसानों को सूचित कर खाद वापस मंगवाई और पैसे भी लौटा दिए। कृषि विभाग को भी शिकायत मैंने ही दी थी।”
डेलू ने यह भी कहा कि शिकायतकर्ता बजरंग के साथ उनका पहले से व्यक्तिगत विवाद चल रहा है, और उसी रंजिश के तहत यह पूरा
विवाद खड़ा किया गया है।
